OM PRAKASH SUMAN
MY EXPERIMENTS AND THOUGHTS FICTION WRITING, POETRY, STORIES, NOVEL, MY VIEWS TOWARD SURROUNDINGS
हे ईश्वर मैं उस हर नियामत के लिए तेरा शुक्रगुजार हूँ जो तूने मुझे अता कि हैं
मेरे लिए सत्य यह है इस वक्त आप इसे पढ़ रहे हैं.......... धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
Wednesday, May 14, 2014
विरह वेदना मरुधरा सी,
पिया मिलन बिन रही है प्यासी i
गीत मिलन के कौन है गाता,
सुन हिये में छाई उदासी ii
opsuman
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment