OM PRAKASH SUMAN
MY EXPERIMENTS AND THOUGHTS FICTION WRITING, POETRY, STORIES, NOVEL, MY VIEWS TOWARD SURROUNDINGS
हे ईश्वर मैं उस हर नियामत के लिए तेरा शुक्रगुजार हूँ जो तूने मुझे अता कि हैं
मेरे लिए सत्य यह है इस वक्त आप इसे पढ़ रहे हैं.......... धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद
Sunday, April 20, 2014
आज ही तेरे खतों को जलाया है मैंने
यह सोच कर की मेरी रूह तो आवारा है
पर आज तेरी रूह को रोते देखा तो लगा
शायद तेरी रूह इन खतों मैं कैद हो.........
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