हे ईश्वर मैं उस हर नियामत के लिए तेरा शुक्रगुजार हूँ जो तूने मुझे अता कि हैं

मेरे लिए सत्य यह है इस वक्त आप इसे पढ़ रहे हैं.......... धन्यवाद धन्यवाद धन्यवाद

Sunday, April 20, 2014


आज ही तेरे खतों को जलाया है मैंने
यह सोच कर की मेरी रूह तो आवारा है
पर आज तेरी रूह को रोते देखा तो लगा
शायद तेरी रूह इन खतों मैं कैद हो.........

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